फॉस्फोरस मजबूत जड़ों के विकास को बढ़ावा देता है, जिससे फसल को सूखे की स्थिति का सामना करने और मिट्टी की नमी का अच्छे से उपयोग करने में मदद मिलती है।
ऊर्जा का संचार और शुरुआती विकास
यह ऊर्जा के संचार (एटीपी/ATP) में मदद करता है, जिससे शुरुआत में पौधे को ताकत मिलती है, बेहतर फूल आते हैं और डोडों (capsules/फलियों) का निर्माण अच्छा होता है।
बीजों का विकास और तेल की मात्रा
फॉस्फोरस की उचित मात्रा बीजों के भराव में सुधार करती है, पैदावार (उपज) बढ़ाती है, और तेल की मात्रा तथा गुणवत्ता में वृद्धि करती है।
सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)
नाइट्रोजन
35
फॉस्फोरस
23
पोटेशियम
23
सूक्ष्मपोषक
मैंगनीज सल्फेट
5
किलो प्रति हेक्टेयर
(बुआई से पहले)
जिंक सल्फेट
5
किलो प्रति हेक्टेयर
(बुआई के बाद मिट्टी परीक्षण/कमी के लक्षणों के आधार पर)
OCP Nutricrops TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)
डोज़
49.91
इस्तेमाल का सही तरीका
P2O5 की पूरी मात्रा शुरुआती खाद के रूप में डालें।
शुरुआती खादों को बिखेर कर डालें और अंतिम जुताई के समय गोबर की खाद/कम्पोस्ट के साथ मिट्टी में मिला दें।