मिर्च

मिर्च भारत की प्रमुख मसाला फसलों में से एक है और घरेलू उपयोग तथा निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है।
यह देश भर में प्रसंस्करण, व्यापार और मसाला आधारित उद्योगों का समर्थन करती है।
अपने उच्च बाजार मूल्य के कारण मिर्च की खेती किसानों के लिए अच्छी आय की संभावनाएं भी प्रदान करती है।

आपकी मिर्च को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास और
शुरुआती जमाव

फॉस्फोरस जड़ों के मजबूत विकास को बढ़ावा देता है, जिससे शुरुआती चरणों में पोषक तत्वों और पानी को बेहतर तरीके से सोखने (ग्रहण करने) में मदद मिलती है।

फूल आने और फलों
(मिर्च) का विकास

यह ऊर्जा के संचार में सहायता करता है, जो फूल आने, फलों के निर्माण और फूलों के झड़ने को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।

पैदावार और फलों की
गुणवत्ता

फॉस्फोरस की उचित मात्रा फलों के आकार, एकरूपता और समग्र पैदावार (उपज) के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार करती है।
पश्चिम बंगाल

मिर्च

सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

60

फॉस्फोरस

60

पोटेशियम

30

सूक्ष्मपोषक

जिंक सल्फेट

25

किलो

OCP Nutricrops TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

130

इस्तेमाल का सही तरीका

रोपाई के समय इसे पौधे के बगल में डालें।

चयनित राज्य: पश्चिम बंगाल

मुख्य उत्पादक राज्य: पश्चिम बंगाल

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)