चना (बंगाल ग्राम) भारत की सबसे बड़ी दलहनी फसल है, जो आहार में प्रोटीन और पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
यह जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण (फिक्सेशन) के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता (उपजाऊपन) में सुधार करता है, जिससे कृत्रिम (सिंथेटिक) नाइट्रोजन उर्वरकों (खादों) पर निर्भरता कम होती है।
चना अनाज-आधारित फसल चक्रों में अच्छी तरह से फिट बैठता है और बारानी (असिंचित/सूखे) तथा सिंचित दोनों क्षेत्रों में किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत प्रदान करता है।