गन्ना

गन्ना भारत की एक प्रमुख वाणिज्यिक फसल है और चीनी व उससे संबंधित उद्योगों के लिए एक मुख्य कच्चा माल है।
यह गुड़ और इथेनॉल के उत्पादन में भी सहायता प्रदान करता है, जिससे कृषि-औद्योगिक मूल्य श्रृंखला मजबूत होती है।
बड़े पैमाने पर खेती और सुनिश्चित बाजार संपर्कों के कारण यह फसल किसानों की आय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आपके गन्ने को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास और
कल्ले निकलना

फॉस्फोरस जड़ों के फैलाव और कल्ले बनने की प्रक्रिया को बढ़ाता है, जिससे फसल का बेहतर और मजबूत विकास सुनिश्चित होता है।

शुरुआती विकास और
मजबूती

यह पौधों में ऊर्जा हस्तांतरण में सहायता करता है और फसल के शुरुआती तेज विकास को बढ़ावा देता है।

गन्ने की उपज और
चीनी की रिकवरी

पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस मिलने से गन्ने की पोरियों का विकास बेहतर होता है, वजन बढ़ता है और चीनी की मात्रा का संचय अधिक होता है।
हरियाणा महाराष्ट्र पंजाब

गन्ना

सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

225

फॉस्फोरस

50

पोटेशियम

50

सल्फर

25

सूक्ष्मपोषक

एफवाईएम

30

टन प्रति हेक्टेयर

OCP Nutricrops TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

110

इस्तेमाल का सही तरीका

बुआई के समय पूरे टीएसपी को बिखेर कर या नालियों में डालें। टीएसपी से फॉस्फोरस डालते समय 45 किलो यूरिया प्रति हेक्टेयर मिलाएँ।

चयनित राज्य : हरियाणा

मुख्य उत्पादक राज्य : महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)