मटर

मटर एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है जिसे इसके प्रोटीन से भरपूर दानों के लिए उगाया जाता है, जो पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
यह जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण (फिक्सेशन) के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता (उपजाऊपन) में सुधार करती है और इसे अनाज आधारित फसल चक्रों में व्यापक रूप से शामिल किया जाता है।
यह फसल भोजन, दाना और चारा प्रदान करती है, साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी देती है।

आपकी मटर को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास
और गांठ बनना

फॉस्फोरस जड़ों के मजबूत विकास और प्रभावी ढंग से गांठ बनने को बढ़ावा देता है, जिससे नाइट्रोजन स्थिरीकरण (फिक्सेशन) में वृद्धि होती है।

फलियों का निर्माण
और दानों की पैदावार

फॉस्फोरस की उचित मात्रा फूल आने, फलियों के विकास, दानों के भराव और दानों की अधिक पैदावार (उपज) को बढ़ावा देती है।

पौधे की ताकत
और क्षमता

फॉस्फोरस का संतुलित पोषण पूरी फसल की अवधि के दौरान पौधे की समग्र ताकत और पोषक तत्वों के उपयोग की क्षमता में सुधार करता है।
बिहार पंजाब उत्तर प्रदेश

मटर

सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

20

फॉस्फोरस

60

पोटेशियम

40

सल्फर

20

सूक्ष्मपोषक

मोलिब्डेनम

1

किलो प्रति हेक्टेयर

OCP Nutricrops TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

130

इस्तेमाल का सही तरीका

बुआई के समय इसे बिखेर कर डालें।

चयनित राज्य: उत्तर प्रदेश

मुख्य उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)