प्याज​

प्याज भारत की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक (कमर्शियल) सब्जी फसलों में से एक है और पूरे देश में भोजन पकाने के एक प्रमुख हिस्से के रूप में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
भारत दुनिया के अग्रणी प्याज उत्पादक देशों में से एक है, जो घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की आपूर्ति करता है।
प्याज की खेती उत्पादन, भंडारण (स्टोरेज), प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और विपणन (मार्केटिंग) के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार और आय के अवसर पैदा करती है।

आपके प्याज को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?​

मजबूत शुरुआती
जमाव

फॉस्फोरस जड़ों के मजबूत विकास और पौधे के शुरुआती जमाव को बढ़ावा देता है, जिससे पोषक तत्वों को कुशलता से सोखने (ग्रहण करने) में मदद मिलती है।

कंद का बेहतर
विकास​

फॉस्फोरस की उचित मात्रा कंद  बनने की शुरुआत, उनके आकार में वृद्धि और एक समान विकास में मदद करती है, जिससे अधिक पैदावार (उपज) मिलती है।

कटाई के बाद की
बेहतर गुणवत्ता

फॉस्फोरस का संतुलित पोषण कंद (प्याज) की गुणवत्ता, समय पर पकने और भंडारण क्षमता में सुधार करता है, साथ ही समग्र रूप से पोषक तत्वों के उपयोग की क्षमता को भी बढ़ाता है।
गुजरात महाराष्ट्र

प्याज​

सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

100

फॉस्फोरस

50

पोटेशियम

50

सल्फर

45

सूक्ष्मपोषक

अनुपलब्ध

OCP Nutricrops TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

109

इस्तेमाल का सही तरीका

बुआई के समय 100% मात्रा शुरुआती खाद के रूप में डालें। रोपाई से पहले उर्वरकों (खादों) को मिट्टी में मिला देना चाहिए।

चयनित राज्य: महाराष्ट्र

मुख्य उत्पादक राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)