धान

धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है और राष्ट्रीय खाद्यान्न भंडार में इसका प्रमुख योगदान है।
यह खाद्य और आजीविका सुरक्षा को सहायता प्रदान करता है तथा सरकारी खरीद एवं सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणालियों (PDS) के केंद्र में बना हुआ है।
यह भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण फसल है और देश के लिए मुख्य अनाज का एक बड़ा स्रोत है।

आपके धान को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास और
शुरुआती मजबूती

फॉस्फोरस जड़ों के मजबूत विकास को बढ़ावा देता है, जिससे फसल अपने शुरुआती चरणों में मिट्टी से पोषक तत्वों और पानी को कुशलतापूर्वक सोख पाती है।

कल्ले निकलना और
फसल की स्थापना

पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस मिलने से धान में अधिक कल्ले बनते हैं, जिससे पूरी फसल का एकसमान और बेहतर विकास सुनिश्चित होता है।

उपज और दानों की
गुणवत्ता में सुधार

यह बालियाँ बनने और दानों के भराव में मदद करता है, जिससे कुल उपज और अनाज की चमक व गुणवत्ता में सुधार होता है।
तेलंगाना आंध्र प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ हरियाणा झारखंड कर्नाटक मध्य प्रदेश महाराष्ट्र ओडिशा पंजाब उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल

धान

सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

150

फॉस्फोरस

75

पोटेशियम

75

सल्फर

20

सूक्ष्मपोषक

जिंक सलफेट

10

किलो प्रति हेक्टेयर

OCP Nutricrops TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

163

इस्तेमाल का सही तरीका

बुआई से पहले मिट्टी में अच्छी तरह मिला लें या बीज-उर्वरक ड्रिल का इस्तेमाल करके बीजों के साथ ही डालें।

चयनित राज्य: कर्नाटक

मुख्य उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: सरकार द्वारा अनुशंसित खाद की उपयुक्त मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)