गन्ना

गन्ना भारत की एक प्रमुख वाणिज्यिक फसल है और चीनी व उससे संबंधित उद्योगों के लिए एक मुख्य कच्चा माल है।
यह गुड़ और इथेनॉल के उत्पादन में भी सहायता प्रदान करता है, जिससे कृषि-औद्योगिक मूल्य श्रृंखला मजबूत होती है।
बड़े पैमाने पर खेती और सुनिश्चित बाजार संपर्कों के कारण यह फसल किसानों की आय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आपके गन्ने को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास और
कल्ले निकलना

फॉस्फोरस जड़ों के फैलाव और कल्ले बनने की प्रक्रिया को बढ़ाता है, जिससे फसल का बेहतर और मजबूत विकास सुनिश्चित होता है।

शुरुआती विकास
और मजबूती

यह पौधों में ऊर्जा हस्तांतरण में सहायता करता है और फसल के शुरुआती तेज विकास को बढ़ावा देता है।

गन्ने की उपज और
चीनी की रिकवरी

पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस मिलने से गन्ने की पोरियों का विकास बेहतर होता है, वजन बढ़ता है और चीनी की मात्रा का संचय अधिक होता है।
बिहार कर्नाटक महाराष्ट्र पंजाब तमिलनाडु उत्तर प्रदेश

गन्ना

खाद की सही मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

150-200

फॉस्फोरस

60-80

पोटेशियम

40-60

सूक्ष्मपोषक

अनुपलब्ध

TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

130-175

इस्तेमाल का सही तरीका

बुआई के समय फर्रो प्लेसमेंट (नाली में बीज डालने) द्वारा

चयनित राज्य: उत्तर प्रदेश

मुख्य उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: राज्यानुसार जानकारी