धान

धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है और राष्ट्रीय खाद्यान्न भंडार में इसका प्रमुख योगदान है।
यह खाद्य और आजीविका सुरक्षा को सहायता प्रदान करता है तथा सरकारी खरीद एवं सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणालियों (PDS) के केंद्र में बना हुआ है।
यह भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण फसल है और देश के लिए मुख्य अनाज का एक बड़ा स्रोत है।

आपके धान को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास और
शुरुआती मजबूती

फॉस्फोरस जड़ों के मजबूत विकास को बढ़ावा देता है, जिससे फसल अपने शुरुआती चरणों में मिट्टी से पोषक तत्वों और पानी को कुशलतापूर्वक सोख पाती है।

कल्ले निकलना और
फसल की स्थापना

पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस मिलने से धान में अधिक कल्ले बनते हैं, जिससे पूरी फसल का एकसमान और बेहतर विकास सुनिश्चित होता है।

उपज और दानों की
गुणवत्ता में सुधार

यह बालियाँ बनने और दानों के भराव में मदद करता है, जिससे कुल उपज और अनाज की चमक व गुणवत्ता में सुधार होता है।
तेलंगाना आंध्र प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ हरियाणा झारखंड कर्नाटक मध्य प्रदेश महाराष्ट्र ओडिशा पंजाब उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल

धान

खाद की सही मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

120

फॉस्फोरस

60

पोटेशियम

40

सल्फर

20

सूक्ष्मपोषक

जिंक सलफेट 21%

25

किलो प्रति हेक्टेयर

TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

130

इस्तेमाल का सही तरीका

रोपाई के समय और पहली टॉप ड्रेसिंग के समय प्रयोग करें (रोपाई के दिन और रोपाई के 15-20 दिनों के बाद)

चयनित राज्य: छत्तीसगढ़

मुख्य उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: राज्यानुसार जानकारी